मोतिहारी : साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, घोड़ासहन से जुड़े तार, जीयो मार्ट पर छापा, कई दुकानदार जांच के घेरे में

चम्पारण टुडे। मोतिहारी।  पूर्वी चम्पारण।  मोतिहारी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। साइबर फ्रॉड में संलिप्त एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है, जिसका जाल जिले के घोड़ासहन प्रखंड तक फैला हुआ है। मोतिहारी पुलिस ने इसमें संलिप्त पांच लोगो को गिरफ्तार भी किया है। हलाकि इसका मास्टरमाइंड पुलिस पकड़ से बहार बताया जा रहा है। इस कार्रवाई ........

Jun 17, 2025 - 11:41
Updated: 1 year ago
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मोतिहारी : साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, घोड़ासहन से जुड़े तार, जीयो मार्ट पर छापा, कई दुकानदार जांच के घेरे में

चम्पारण टुडे। मोतिहारी।  पूर्वी चम्पारण। 
मोतिहारी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। साइबर फ्रॉड में संलिप्त एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है, जिसका जाल जिले के रघुनाथपुर, पलनवा के साथ घोड़ासहन तक फैला हुआ है। मोतिहारी पुलिस ने इसमें संलिप्त पांच लोगो को गिरफ्तार भी किया है। हलाकि इसका मास्टरमाइंड पुलिस पकड़ से बहार बताया जा रहा है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की है, जिसमें घोड़ासहन के प्रसिद्ध जीयो मार्ट डिजिटल स्टोर पर की गई छापेमारी सबसे अहम मानी जा रही है।

छापेमारी और जांच :
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साइबर क्राइम सेल को इनपुट मिला था मोतिहारी में साइबर ठगी का एक संगठित नेटवर्क संचालित हो रहा है। टीम बनाकर छापेमारी की गयी। जहाँ से कई फर्जी दस्तावेज के साथ साथ ठगी का रजिस्टर भी पुलिस को हाथ लगा है। जिसमे ठगी के पैसे को फर्जी खाते या कमीशन देकर किसी के खाते मांगकर क्रिप्टो में इन्वेस्ट कर इसे व्हाइट किया जाता था। घोड़ासहन इलाके में कुछ दुकान संचालको के द्वारा डार्क वेब के माध्यम से ठगी के पैसे ई-वॉलेट में मांगकर क्रिप्टो में इन्वेस्ट कर व्हाइट करने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। इसी आधार पर मोतिहारी साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से जीयो मार्ट डिजिटल पर छापा मारा और कई लाख भारतीय रुपयों के साथ नेपाली रुपया भी जप्त किया गया। हालांकि, दुकान मालिक पुरुषोत्तम चौधरी मौके से फरार हो गया ऐसा बताया जा रहा है। 

मोबाइल स्टोर के साथ होटल और जनरल स्टोर भी संदेह के घेरे में :
जांच के दायरे में सिर्फ जीयो मार्ट ही नहीं बल्कि कुछ होटल, जनरल स्टोर और मोबाइल दुकानों को भी शामिल किया गया है। इन दुकानदारों पर आरोप है कि वे साइबर ठगों को तकनीकी सहयोग और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते थे। अनुमान है कि ये लोग बड़ी संख्या में अपने वॉलेट में इस तरह का ट्रांजेक्शन कर वारे न्यारे में लगे थे। कई संचालको द्वारा नेपाली इंडियन के अलावें अन्य कई तरह के गैरकानूनी धंधे में संलिप्त होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिस पर पुलिस भी पूरी मुस्तैदी से जाँच में जुटी हुई है। 

डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच :
पुलिस ने दुकानों के सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन और नकद ट्रांसफर की बात सामने आई है। ई-वॉलेट के जरिए हजारों की राशि ठगी की बात भी सामने आ रही है। 

फरार की तलाश तेज :
मोतिहारी के फरार साइबर सरगना के साथ ही फरार जीयो मार्ट संचालक की तलाश के लिए पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस को शक है कि ये गिरोह के मुख्य संचालकों में से एक हो सकता है।

पुलिस का बयान :
मोतिहारी पुलिस ने बताया कि - "साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। घोड़ासहन में मिले सुराग अहम हैं। जांच के आधार पर जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।"

क्या हो सकता है अगला कदम? :
- डिजिटल लेनदेन के डेटा की विस्तृत जांच  
- मोबाइल नंबर, बैंक खातों और संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण  
- स्थानीय सहयोगियों की पहचान  
- टेक एक्सपर्ट की सहायता से डिवाइस फॉरेंसिक

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