सीतामढ़ी :- नारी सम्मान समारोह में गूंजा समानता का संदेश, बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता

Aug 26, 2026 - 20:37
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सीतामढ़ी :- नारी सम्मान समारोह में गूंजा समानता का संदेश, बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता

-- बेटियों को समान अधिकार और अवसर देकर ही बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण संभव : जिला कल्याण पदाधिकारी।

-- उत्कृष्ट कार्य करने वाली 11 महिलाएँ सम्मानित

सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,, सीतामढ़ी ब्यूरो,,

सीतामढ़ी:- सिमरा स्थित अदिथी कार्यालय में बुधवार को नारी सम्मान एवं समानता समारोह का आयोजन किया गया। अदिथी कवच परियोजना के तत्वाधान में कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह के नेतृत्व में आयोजित समारोह का मुख्य विषय “समान अधिकार, समान अवसर, सशक्त नारी” रहा। कार्यक्रम में किशोरियों की सुरक्षा, शिक्षा, महिला एवं बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बाल विवाह मुक्त समाज निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। 

समारोह में जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी पूजा सिंह, महिला थानाध्यक्ष श्वेता स्वराज सहित महिला एवं बाल अधिकार के क्षेत्र में कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षिकाएँ, कवयित्री, बाल संरक्षण से जुड़े प्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने कहा कि महिला समानता केवल महिलाओं के सम्मान का विषय नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास को प्रभावित करती है। इसके उन्मूलन के लिए प्रशासन, पंचायत, विद्यालय, समुदाय और नागरिक समाज को मिलकर निरंतर प्रयास करना होगा। अदिथी के कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह ने महिला एवं बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बाल विवाह की रोकथाम के लिए अदिथी कवच परियोजना द्वारा प्रशासन एवं संबंधित हितधारकों के सहयोग से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम में समुदाय की सक्रिय भागीदारी, समय पर सूचना एवं संस्थागत समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। कन्वर्जेंस एक्सपर्ट मनीष कुमार ने बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की सक्रियता तथा विभिन्न हितधारकों के समन्वित प्रयासों से बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। समारोह में अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी पूजा सिंह ने महिला समानता एवं बेटियों के सम्मान का संदेश अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से दिया। “बाबुल प्यारे, सजन सखा रे… सुन ओ मेरी मैया… बोझ नहीं मैं किसी के सर का…” जैसी पंक्तियों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि समान अधिकार और अवसर की हकदार समझने का भावपूर्ण संदेश दिया। वहीं कन्वर्जेंस विशेषज्ञ मुकुंद चौधरी ने प्रगतिशील कवि एवं गीतकार साहिर लुधियानवी की प्रसिद्ध रचना “ये दुनिया दो-रंगी है…” का मार्मिक पाठ प्रस्तुत करते हुए समाज में व्याप्त ऊँच-नीच, भेदभाव और असमानता पर प्रभावशाली तरीके से प्रहार किया। उनकी प्रस्तुति ने समानता, मानवीय गरिमा और सामाजिक न्याय के प्रति उपस्थित लोगों को संवेदित किया। 

कार्यक्रम में पीपीटी के माध्यम से महिला एवं बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, महिला सशक्तीकरण तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं के योगदान को प्रदर्शित किया गया। समारोह में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों के लिए मिश्रौलिया पंचायत की मुखिया आरती कुमारी, महिला थानाध्यक्ष श्वेता स्वराज, कवयित्री संगीता चौधरी, पत्रकार मोना पटेल, शिक्षिका निधि कुमारी, बाल समिति सदस्य इंद्रा कुमारी, शिक्षिका रीता कम्मलाल, सामाजिक कार्यकर्ता महालक्ष्मी चौधरी, रेणु कुमारी, पायल कुमारी एवं समा प्रवीण को सम्मानित किया गया। समारोह ने यह संदेश दिया कि महिला समानता, किशोरियों की सुरक्षा एवं शिक्षा और बाल विवाह की रोकथाम एक-दूसरे से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार हैं। बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल कानून का प्रभावी क्रियान्वयन ही नहीं, बल्कि परिवार, समुदाय, पंचायत, विद्यालय, प्रशासन और नागरिक समाज की साझा जिम्मेदारी और सतत भागीदारी भी आवश्यक है। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता मो. कमर अख्तर अदिथी कि प्रतिनिधि ज्योति कुमारी, काजल कुमारी, कोमल कुमारी, गौतम कुमार, सीतांशु कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।

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