सीतामढ़ी :- राखी के धागे में सिमटा है, भाई-बहन का अटूट प्रेम
सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,, सीतामढ़ी ब्यूरो,,
सीतामढ़ी :- रक्षा बंधन में भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, स्नेह और जीवनभर रिश्ते साथ निभाने की एक भावना संबंध है। राखी के अवसर पर कवयित्री हेमा सिंह, डॉ. शोभा और कुमारी पूजा ने भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को भावनात्मक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
राखी भावनाओं का धागा :- कवयित्री हेमा सिंह ने रक्षा बंधन को भावनाओं और स्मृतियों से जुड़ा पर्व बताया। उन्होंने कहा कि राखी का धागा छोटा जरूर है, लेकिन उसमें बचपन की अनगिनत यादें, प्यार, अपनापन और विश्वास बंधा होता है। भाई-बहन की नोक झोंक से लेकर एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने तक, यह रिश्ता जीवन के हर पड़ाव पर अपनी खास जगह बनाए रखता है।
उन्होंने कहा कि कई बार भाई-बहन दूर रहते हैं, लेकिन राखी का पर्व उनके बीच की भावनात्मक दूरी को भी मिटा देता है। यही इस त्योहार की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
भाई-बहन का रिश्ता समाज को जोड़ने वाला संदेश :- इस दौरान डॉ. शोभा ने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व परिवार में प्रेम और एकता बढ़ाने के साथ समाज को भी भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बहन की राखी भाई के लिए सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि उसके विश्वास की निशानी है।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि परिवारों में बेटियों को समान सम्मान और अवसर मिले। भाई अपनी बहनों के अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा करें तथा बहनें भी अपने भाइयों के सुख-दुख में मजबूती से साथ खड़ी रहें। यही रक्षा बंधन की वास्तविक भावना है।
बहन की मुस्कान ही राखी की असली खुशी : कुमारी पूजा संजीवनी विद्यास्थली दोस्तियां की सह निदेशिका पूजा कुमारी ने कहा कि रक्षा बंधन का सबसे खूबसूरत पक्ष भाई-बहन के बीच का निस्वार्थ प्रेम है। बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती है, तो भाई बहन के चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने का संकल्प लेता है।
उन्होंने कहा कि राखी पर्व हमें यह भी सिखाता है कि महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा केवल किसी एक दिन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। यदि हर भाई अपनी बहन के सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए खड़ा हो, तो राखी का संदेश और अधिक सार्थक होगा।
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