सीतामढ़ी :- संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा ने रोग चीनी मिल से जुड़े किसानों को ऋण मुक्त कर गन्ना के नए सीजन में ऋण प्रदान करने की दी चेतावनी
--फर्जी केसीसी ऋण से मुक्ति तथा गन्ना खेती के लिए ऋण दे बैंक।
-- बैंक गन्ना किसानों को केसीसी ऋणमुक्त करे नही तो होगा बैंक का घेराव।
-- रीगा चीनी मिल के सीएमडी ओपी धानुका तथा चहेतों ने 65करोड के ऋण में किसानों को फंसाया था।
सागर कुमार, चंपारण टुडे, ,,सीतामढ़ी ब्यूरो,,
सीतामढ़ी :- संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा,उतर बिहार के संयोजक डा.आनन्द किशोर, जिलाध्यक्ष जलंधर यदुबंशी,रीगा अध्यक्ष पारसनाथ सिंह ,उपाध्यक्ष कौशल किशोर सिंह ने बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय पदाधिकारियों को चेताबनी दिया है कि रीगा चीनी मिल से जुडे किसानों को ऋणमुक्त कर गन्ना सीजन में खेती के लिए नया ऋण प्रदान करे, नही तो बैंक आफ इंडिया के घेराव का निर्णय लिया जायगा। संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा लगातार ऋणमुक्ति के लिए धरना-प्रदर्शन, बैंक तथा गन्ना विभाग के वरीय अधिकारियों, सी एम तथा वित मंत्री भारत सरकार तक दस्तक देता रहा है।
इसी क्रम में करीब 6 माह पूर्व बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने रीगा किसान भवन में मोर्चा नेताओ तथा केसीसीधारी गन्ना किसानों को आश्वासन दिया था कि किसानों के ऋणमुक्ति हेतू पहल करेंगे।
अब अक्टूबर माह से गन्ने की नई खेती के मौके पर उस आश्वासन को अंजाम दिया जाना जरूरी है। ज्ञातव्य हो कि बैक आफ इंडिया में सर्वाधिक 4 हजार किसान दस वर्षों से 40 करोड के ऋणजाल में फंसे हुए हैं और उनका खाता खडाब है कोई ऋण नही मिल रहा है।किसानों का खाता फ्रीज है।उसके दूसरे खाता में भी आये किसान सम्मान तथा अन्य मद के पैसे नही मिल रहे है।किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यूनियन बैंक तथा बैंक औफ इंडिया के आधे दर्जन शाखा में रीगा चीनी मिल के तत्कालीन सीएमडी ओपी धानुका तथा उनके चहेतों द्वारा फर्जी केसीसी कराकर 65 करोड के ऋणजाल में किसानों को फंसाया गया था।इसमें ओपी धानुका पर विभिन्न धाराओ में सरकार ने किसानों के शिकायत पर मामला दर्ज कराया हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)