सीतामढ़ी :- ट्रेन में भी प्लेन वाला रूल, एसी में मात्र 70 किलो तक फ्री, फिर देना होगा चार्ज, अन्य क्लास का भी जाने हाल
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :-अगर आप ज्यादा समान लेकर ट्रेन से सफर करते तो यह खबर आपके लिए, अब सतर्क हो जाइए। रेलवे यात्रियों के लिए साथ ले जा रहे मोटी सामानों को लेकर नए सख्त नियमों पर काम करना शुरू कर दिया है। अगर आपके पास तय सीमा से ज्यादा वजन ......
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :-अगर आप ज्यादा समान लेकर ट्रेन से सफर करते तो यह खबर आपके लिए, अब सतर्क हो जाइए। रेलवे यात्रियों के लिए साथ ले जा रहे मोटी सामानों को लेकर नए सख्त नियमों पर काम करना शुरू कर दिया है। अगर आपके पास तय सीमा से ज्यादा वजन का सामान हुआ, तो जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा। रेलवे वसूलेगी अतिरिक्त चार्ज।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह अहम जानकारी साझा कीहै। लोकसभा में किए गए ट्रेन यात्रा के लिए सामान की लिमिट से जुड़े एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों के लिए पहले से ही क्लास के अनुसार फ्री बैगेज अलाउंस तय है और उससे ज्यादा सामान ले जाने पर सर चार्ज देना पड़ता है।
अब रेलवे ने साफ कर दिया है कि ट्रेन यात्रा के दौरान तय सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यानी अब रेल यात्रा में भी बैगेज नियमों को लेकर सख्ती बढ़ने वाली है, ठीक उसी तरह जैसे हवाई यात्रा में होती है।
तय है सामान ले जाने की लिमिट :-
एयरलाइंस की बात करें तो फ्री सामान ले जाने की सीमा हर एयरलाइन और फ्लाइट के रूट के हिसाब से अलग-अलग होती है। आमतौर पर घरेलू उड़ानों में 15 किलो तक चेक-इन बैगेज और 7 किलो हैंडबैग फ्री मिलता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 23 से 25 किलो या दो बैग (हर बैग 23 किलो) तक की छूट होती है। वहीं रेलवे के नियमों के मुताबिक, हर यात्री को अपनी ट्रैवल क्लास के आधार पर एक निश्चित वजन तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है। इसके अलावा, एक अधिकतम सीमा भी तय है, जिसके भीतर सामान ले जाने पर शुल्क देकर अनुमति मिल सकती है। लेकिन इससे भी ज्यादा सामान ले जाना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
सेकंड क्लास और स्लीपर के यात्रियों के लिए नियम :-
ट्रेन में सेकंड क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को 35 किलो तक का सामान मुफ्त ले जाने की छूट है। अगर कोई यात्री इससे ज्यादा सामान लेकर चलता है, तो वह अधिकतम 70 किलो तक सामान ले जा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे तय शुल्क देना होगा। वहीं स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए फ्री अलाउंस थोड़ा ज्यादा है। वे 40 किलो तक का सामान बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ले जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर 80 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए भी अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
ऐसी और चेयर कार में सख्ती ज्यादा :-
अगर आप ऐसी थ्री टियर या चेयर कार से यात्रा करते हैं, तो यहां नियम और भी सख्त हैं। इन क्लास में यात्रियों को 40 किलो तक का ही सामान ले जाने की अनुमति है और यही उनकी अधिकतम सीमा भी है। यानी ऐसी कोच में इससे ज्यादा वजन का सामान ले जाना नियमों के तहत स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्यों जरूरी हुआ यह नियम :-?
रेलवे का कहना है कि जरूरत से ज्यादा सामान न सिर्फ यात्रियों की सुविधा में बाधा बनता है, बल्कि सुरक्षा और सफाई के लिहाज से भी समस्या पैदा करता है। भारी सामान से कोच में आवाजाही मुश्किल होती है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए अब रेलवे बैगेज नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दे रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह :-
अगर आप ट्रेन से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जरूर जांच लें कि आपके सामान का वजन तय सीमा में है या नहीं। ज्यादा सामान होने पर या तो पहले से बुकिंग कराएं या अतिरिक्त चार्ज देने के लिए तैयार रहें। थोड़ी सी सावधानी आपको यात्रा के दौरान परेशानी से बचा सकती है।
क्या कहते है अधिकारी :-
इस बाबत पूछे जाने पर नाम नहीं छापने के शर्त पर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी भी पुष्टि किया है। तथा स्थानीय सीटीआई असरफ अल्ली उन्होंने बताया कि यह नियम पहले भी लगी थी, लेकिन इसे अब मोटीफाइड किया गया है। हम लोग भी ट्रेनों में अधिक सामान केलार सफर करने वाले यात्रियों से बतौर जुड़वाना राशि लेते है, तथा यात्री को विधिवत लगेज रसीद दे रहे है।
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