सीतामढ़ी :- रेलवे की जमीन से चलने वाली अवैध बस, टेम्पो और जिप स्टैंड बना स्टेशन परिक्षेत्र में यात्रियों के लिए परेशानी की बड़ी सबब
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढी :- यात्री सुरक्षा को लेकर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा दिए गए आदेश को नहीं मानते स्थानीय रेल प्रशासनिक अधिकारी। जिसका जीता जगत उदाहरण बनता जा रहा है रेलवे की जमीन से संचालित हो रही अवैध सरकारी बस स्टैंड, प्राइवेट टैम्पो तथा सवारी में चलने वाली जिप स्टैंड। मामला यात्री सुरक्षा से जुड़ा है। वल्ड क्लास स्टेशन के निर्माण की घोषणा के बाद मंडल रेल प्रशासन द्वारा सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के बाहर पुराने सभी खान पान की दुकानों के साथ रेलवे की ज........
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढी :- यात्री सुरक्षा को लेकर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा दिए गए आदेश को नहीं मानते स्थानीय रेल प्रशासनिक अधिकारी। जिसका जीता जगत उदाहरण बनता जा रहा है रेलवे की जमीन से संचालित हो रही अवैध सरकारी बस स्टैंड, प्राइवेट टैम्पो तथा सवारी में चलने वाली जिप स्टैंड। मामला यात्री सुरक्षा से जुड़ा है। वल्ड क्लास स्टेशन के निर्माण की घोषणा के बाद मंडल रेल प्रशासन द्वारा सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के बाहर पुराने सभी खान पान की दुकानों के साथ रेलवे की जमीन से चल रहे सरकारी बस स्टैंड को अपने तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया था। सरकारी दस्तावेज के सरकारी बस स्टैंड तो बंद है, लेकिन प्राइवेट तौर पर उसी जमीन से सरकारी बस स्टैंड व स्टेशन के विचरण क्षेत्र से जिप और टेम्पो स्टैंड बदस्तूर चल रही है। अवैध रुप से चल रहे सभी स्टैंड जो स्थानीय रेल प्रशासन की गैरजिम्मेदार होने की सबूत दे रही है। फिलहाल रेलवे द्वारा खानपान की लाइसेंसी दुकान तैयार करने की आदेश मिल चुकी है। छोटे खान पान वाले अपनी दुकानें भी सजा रखा है। लेकिन रेलवे की जमीन से आज भी बस स्टैंड, जिप स्टैंड व टेम्पो स्टैंड पर प्रतिबंध नहीं लग सका है, जो यात्रियों की सुरक्षा में एक बड़ी कील की काम कर रही है।
स्थानीय रेल प्रशासन की मनमानी के कारण चंद पैसों की लाभ में स्थानीय रेल प्रशासन अपनी कर्तव्य में कोताही बरतने की काम में लगे है।
इस अवैध बस स्टैंड के वजह से लगने वाली जाम से अक्सर रेल यात्रा को लेकर स्टेशन पहुंचने वाले यात्री परेशान होते है। सूत्रों पर भरोसा करे तो कई मर्तवा इस बस स्टैंड की जाम के वजह से रेल यात्रा को लेकर स्टेशन पहुंचाने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले उनकी ट्रेन प्लेटफार्म से निकल जाती है, और यात्री को अपना यात्रा छोड़ना पड़ता है।
रेलवे स्टेशन परिसर में लगने वाली जाम का एक बड़ा कारण बस स्टैंड है, वही दूसरी तरफ इस क्षेत्र में लगने वाली अवैध मीना बाजार भी जाम का एक बड़ा कारण होता है। ट्रेन के समय एक तरफ यात्री की प्रचंड भीड़ होती है। वही रेलवे से बाहर निकलने वाली सड़क के दोनों किनारे मीणा बाजार तथा इस मौके पर पहुंची बस पूरे रास्ते को जाम कर देती है। जिससे स्टेशन पहुंचाने वाले यात्री हो या स्टेशन से निकल अपने घर जाने वाले यात्री सभी जाम का शिकार होते है।
क्या कहते है स्टेशन अधीक्षक :-
मामले को लेकर पूछे जाने पर स्थानीय स्टेशन अधीक्षक नीतेश्वर कुमार सिंह ने बताया की इस तरह की मामले अभी सामने आते रहते है। जिसका शिकायत समय समय पर रेलवे सुरक्षा बल से किया जाता है। मामला रेलवे सुरक्षा बल से जुड़ा है, विशेष इस मामले में आरपीएफ द्वारा ही बेहतर बताया जा सकता है।
क्या कहते है रेलवे सुरक्षा बल :-
सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन की जमीन से बदस्तूर चल रही बस स्टैंड तथा अवैध मीणा बाजार को लेकर पूछे जाने पर रेलवे सुरक्षा बल के कमांडर ओम प्रकार ठाकुर ने पहले तो रेलवे स्टेशन परिसर से चल रही अवैध बस स्टैंड पर अंभिक्यता जताई, फिर उन्होंने बताया कि रेलवे की जमीन से अगर बस स्टैंड चल रही है, तो उसे स्थानीय आईओडब्ल्यू उस जगह को क्यों नहीं घेरते। जबकि रेलवे की जमीन से होने वाली कोई भी गलत कार्य को रेलवे सुरक्षा बल द्वारा अपने ततकाल प्रभाव से उसे बंद कर कानूनी कार्यवाही करने की छूट है। बावजूद रेलवे सुरक्षा बल अपनी कार्यवाही करने से क्यों चूक रहे है, जो चिंतावका विषय है। इस तरह की जवाब देना एक सांवैधानिक कुर्सी पर बैठे अधिकारियों की छवि उजागर करती है।
क्या कहते है मंडल रेल प्रबंधक :-
01 जून 2024 को दूरभाष पर बात नहीं होने के क्रम में उन्हें उनके व्हाट्सएप पर उक्त जगह के फोटो भेज कर जानकारी दी हैं थी, और इस दिशा में जवाब भी मांगा गया था।
23 जून ,024 को मंडल रेल प्रबंधक द्वारा व्हाट्सएप पर भेजे गए ट्यूट :-
सर,
बस स्टैंड से संबंधित कोई भी अभिलेख इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। बस स्टैंड में भी कई लोगों से संपर्क किया गया परन्तु किसी ने भी कोई एग्रीमेंट आदि नहीं दिखाया। दिनांक 19.06.2024 को जेसीबी से गड्ढा करके इस अवैध बस स्टैंड में बसों का आवागमन बंद कर दिया गया है। आज पुन: देखा गया है कि दूसरे तरफ से कुछ छोटी बसें आने लगी है। इस ओर भी कल तक रास्ते को अवरूद्ध कर दिया जाएगा।
मामले को लेकर पुनः 20 जून को मंडल रेल प्रबंधक को उनके वॉट्सएप पर ट्यूट किया गया लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिल सकी है।
आज आलम यह है कि रेलवे द्वारा तब बंद किए गए सरकारी बस स्टैंड का रास्ता आज पूरी तरह खुल चुकी है और बदस्तूर बस स्टैंड चल रही है।
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