सीतामढ़ी :- सामाजिक परिवर्तन की पटकथा अब महिलाएं स्वयं लिखेगी
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :- जिले में इन दिनों एक अनोखी कहानी आकार ले रही है—ऐसी कहानी, जहाँ सामाजिक परिवर्तन की पटकथा महिलाएं स्वयं लिख रही हैं। कभी घर की चौखट से......
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- जिले में इन दिनों एक अनोखी कहानी आकार ले रही है—ऐसी कहानी, जहाँ सामाजिक परिवर्तन की पटकथा महिलाएं स्वयं लिख रही हैं। कभी घर की चौखट से बाहर न निकलने वाली ये महिलाएं अब चौपालों में संवाद कर रही हैं, मंचों पर नेतृत्व कर रही हैं और नीतियों पर सवाल भी उठा रही हैं। इस बदलाव का केन्द्र बना है।
महिला संवाद’—एक सशक्त जन-जागरूकता अभियान, जिसने ग्रामीण महिलाओं को आत्मविश्वास, मंच और आवाज़ दी है।
यह पहल अब पारंपरिक सरकारी कार्यक्रमों की सीमा से आगे निकलकर जनांदोलन का रूप ले चुकी है। सीतामढ़ी जिले के सभी 17 प्रखंडों में सक्रिय इस अभियान के तहत अब तक 1281 ग्राम संगठनों के माध्यम से लगभग 2 लाख 15 हज़ार महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुकी हैं, और यह संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। ‘महिला संवाद’ न सिर्फ संवाद का माध्यम बना है, बल्कि सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व की भावना को भी गहराई से स्थापित कर रहा है।
इस जनभागीदारी को अधिक व्यापक बनाने के लिए 21 संवाद रथ—आधुनिक तकनीक से सुसज्जित मोबाइल वैनें—गाँव-गाँव घूम रही हैं। इन वैनों में लगे एलईडी के स्क्रीन, ऑडियो-विज़ुअल कहानियाँ और लघु फिल्में महिला अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैला रही हैं। गाँव की पगडंडियों से लेकर पंचायत भवनों तक, हर जगह ये संवाद रथ नई चेतना जगा रहे हैं।
सत्रों के दौरान महिलाओं ने जिन मुद्दों को उठाया, वे आज के ग्रामीण जीवन की असल ज़रूरतों को दर्शाते हैं। वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि, गाँवों में उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क, स्वरोज़गार हेतु कौशल विकास और वित्तीय सहायता की माँग बार-बार सामने आई। किशोरियों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थल और पुस्तकालयों की आवश्यकता ने यह साबित किया कि ग्रामीण महिलाएं अब सिर्फ लाभार्थी नहीं रहीं, बल्कि योजनाओं की दिशा और प्राथमिकता तय करने वाली साझेदार बन चुकी हैं।
इसी क्रम में रविवार को सीतामढ़ी जिले के परसौनी प्रखंड के मदनपुर गांव स्थित कामिनी जीविका महिला ग्राम संगठन में महिला संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें 246 महिलाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उपस्थित महिलाओं द्वारा आकांक्षाएं बताई गई जिनमें मुख्यत :-
1) मदनपुर पंचायत के सभी महिलाओं के द्वारा सामुदायिक भवन की मांग की गई ।
2) वृद्धा पेंशन 400 से बढ़कर 1500 रुपए हो, इसकी मांग की गई ।
3) सभी महिलाओं के द्वारा मीटिंग के संचालन हेतु जीविका भवन की मांग की गई ।
हर संवाद सत्र के अंत में महिलाओं द्वारा दिए गए सुझावों और विचारों को एक विशेष डिजिटल टीम संकलित कर रही है। ये बिंदु आधुनिक डैशबोर्ड प्रणाली के माध्यम से जिला प्रशासन और राज्य सरकार तक पहुँचाए जा रहे हैं, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन ज़मीनी हकीकत के अनुसार और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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