सीतामढ़ी :~ कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका सम्मान समारोह में हेमा सिंह समेत कई साहित्यकार सम्मानित
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :~ बज्जिका साहित्य समाज सर्लाही के तत्वाधान में सर्लाही मुख्यालय मलंगवा में आयोजित ‘कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका पुरस्कार एवं सम्मान–2082’ समारोह में भारत और नेपाल के प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं भाषासेवियों को सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में भारत और नेपाल के पाँच दर्जन से अधिक साहित्यकारों ने सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष......
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :~ बज्जिका साहित्य समाज सर्लाही के तत्वाधान में सर्लाही मुख्यालय मलंगवा में आयोजित ‘कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका पुरस्कार एवं सम्मान–2082’ समारोह में भारत और नेपाल के प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं भाषासेवियों को सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में भारत और नेपाल के पाँच दर्जन से अधिक साहित्यकारों ने सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष रामचन्द्र महतो कुशवाहा ने की, जबकि मंच पर जिला समन्वय समिति सर्लाही के सभापति कौशल किशोर सिंह, मधेश विश्वविद्यालय के डीन डॉ. अजय मिश्र, नीति आयोग की सदस्य डॉ. शीला मिश्र, राष्ट्रिय सभा के पूर्व सदस्य रामपृत पासवान, नेपाली गीतकार एवं धावक बुद्धवीर लामा तथा त्रिभुवन विश्वविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. सावित्री कक्षपति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह में ‘कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका सेवी पुरस्कार’ से बज्जिका शिरोमणि संजय साह मित्र को सम्मानित किया गया तथा पचास हजार की नगद राशि प्रदान किया गया। ‘कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका सेवी समाजसेवा पुरस्कार’ समाजसेवी दीनबन्धु झा को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त ‘कवि सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका सेवी सम्मान’ नेपाल के उपन्यासकार ममता मृदुल, विजय निर्बिज, बुद्धवीर लामा, मधेशदूत दैनिक के मनोज यादव, बज्जिका साहित्य श्रृंखला के संचालक संजय महतो राज और मुकेश कुमार मिश्र को दिया गया। वहीं भारतीय साहित्यकार मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेला, साधना कृष्ण, हेमा सिंह, हंसलाल साह एवं सन्तोष चौधरी भी सदानन्द अन्तर्राष्ट्रीय बज्जिका सम्मान से सम्मानित किए गए।
युवावस्था में असामयिक निधन हुए कवि सदानन्द झा की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके भाई एवं सर्लाही–सिमरा के समाजसेवी महानन्द झा का आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण रहा। इस अवसर पर साहित्यकारों ने बज्जिका, हिन्दी और नेपाली भाषाओं में अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। डॉ. विजय झा ने अपने गीतों से कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन के सफल संचालन में बज्जिका साहित्य संगम रौतहट के अध्यक्ष किशुनदयाल श्रीकृष्ण, बज्जिकांचल मीडिया के प्रमुख राजुकुमार श्रीवास्तव, अर्जन यादव, साहित्यकार रुपेश रोदन, मनमोहन सिंह और राजेन्द्र ठाकुर का योगदान सराहनीय रहा।
कार्यक्रम के दौरान अजय कुमार झा, चन्द्रशेखर रस्तोगी, मोहम्मद कमरुद्दीन नदाफ, हरिशंकर जायसवाल, बिन्दा साहनी, राम विश्वास कुशवाहा, सिंहेश्वर सिंह, महेश्वर पाण्डे, साधना कृष्ण, हेमा सिंह, संजय महतो राज, मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेला और शिवचन्द्र ने काव्य पाठ किया तथा बज्जिका भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। संजय साह मित्र द्वारा बज्जिका भाषा का विस्तृत इतिहास प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने खूब सराहा।
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