रक्सौल में सोशल डिस्टेसिंग अनुपालन में विश्व ज्ञान दिवस व डॉ.भीमराव अम्बेडकर की 129 वीं जयंती मनाई गई
एम० कुमार, रामगढ़वा।
रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र के अम्बेडकर ज्ञान मंच रकसौल के तत्वावधान में मंगलवार को वर्ल्ड सिंबल ऑफ नॉलेज संविधान निर्माता भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 129 वी जयंती सह विश्व ज्ञान दिवस के मौके पर शहर के अम्बेडकर चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित किया गया।
खतरनाक कोरोना वायरस जैसी वैश्विक आपदा को लेकर घोषित लॉकडाउन व सोसल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए मंच के संस्थापक मुनेश राम के नेतृत्व में मंगलवार को माल्यार्पण सह पुष्पार्पित किया गया।
उक्त बातों की जानकारी देते हुएं मंच के संस्थापक मुनेश राम ने बताया कि बाबा साहेब सर्वजन समाज की उन्नति तथा देश को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे।
उन्होंने महिलाओं व शोषित-पीड़ित मानवता को न्याय दिलाने के लिए संविधान में सबको बराबरी का दर्जा दिया तथा एक वोट का अधिकार दिया।उन्होंने समतामूलक समाज की स्थापना व महिलाओं व पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए संसद में काका कालेकर आयोग की सिफारिश व हिन्दू कोड बिल पेश किया,लेकिन इस महत्वाकांक्षी कानून को संसद से पारित करवाने तथा ओबीसी वर्ग को संख्यानुपाती भागीदारी देने के लिए उभरे मतभेद की वजह से नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा देनेवाले प्रथम केंद्रीय मंत्री बने।हमें बाबा साहेब के आदर्शो व पदचिन्हों पर चलकर ही सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक आंदोलन की सफलता के जरिये सामाज का सर्वांगीण विकास करने की जरूरत है।
इन्होंने कहा कि मंच के सदस्यों ने मंगलवार की शाम साढ़े सात बजे अपने-अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलन कर उनकी 22 प्रतिज्ञाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का पाठ करने का भी निर्णय लिया है।संरक्षक राजेन्द्र राम ने भी शिक्षा को ही सामाजिक बदलाव का प्रवर्तक करार दिया।भाग्य नारायण साह ने कहा कि लॉकडाउन का अनुपालन करते हुए उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उनकी जीवनी व संघर्षो से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया गया।
वही रविन्द्र कुमार ने कहा कि बाबा साहेब के बताये गए रास्ते पर चलने के लिए ही हमलोग इस वर्ष लॉक डाउन के कारण घर-घर बाबा साहेब की जयंती मना रहे है तथा कोरोना योद्धाओं यथा डॉक्टरों,नर्सेज स्वास्थ्यकर्मियों,स्वच्छताकर्मियों व सुरक्षाकर्मियों के सम्मान के लिए संकल्प दिवस के मौके पर शाम साढ़े सात बजे अपने-अपने घरों,दरवाजों व छतों पर 22 दीये या मोमबतिया जलाने का निर्णय लिया गया है।
मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जेएसएस मिथलेश कुमार,राजेन्द्र राम,रविन्द्र कुमार,ताराचन्द कुमार,भाग्य नारायण साह,सेवा निवृत प्रधानाध्यापक ध्रुव बैठा,जगन राम, सोहन राम,राजकुमार,जगमतिया देवी,सुनैना देवी आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित कर बाबा साहेब को याद किया।
उक्त खबर की जानकारी मंच संस्थापक मुनेश राम ने दी।
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