सीतामढ़ी :- नरकटियागंज - दरभंगा, व सीतामढ़ी - मुजफ्फरपुर रेखंड दोहरीकरण को लेकर 130 करोड़ की मंजूरी, जल्द होने निर्माण कार्य - संसद
सागर कुमार, चम्पारण टुडे, (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- लम्बे जद्दो जहद के बाद रेलवे द्वारा रेल दोहरी कारण को लेकर तकरीबन एक सौ तीस (१३०) करोड़ रुपए की मंजूरी दी है l वर्ष 2020 में रेलवे बोर्ड से नरकटियागंज - दरभंगा भाया सीतामढ़ी तथा सीतामढ़ी - मुजफ्फरपुर भाया रूनी सैदपुर 255.5 किलो मीटर लंबी रेल खंड की दोहरीकरण की मंजूरी मिली थी । मंजूरी के तकरीबन 04 साल, 02 माह 14 दिन के बाद यानी चार माह पूर्व विभाग द्वारा डीपीआरओ तैयार कर मंजूरी को लेकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया। संबंधित विभाग से अभी तक उक्त डीपीआरओ का एप्रूब्यूल नही मिलने के कारण रेलवे दोहरी कारण का काम ठंडे बस्ते में परा था। लेकिन समय की मांग को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे (निर्माण संगठन ) मुख्यालय महेंद्रुघाट द्वारा 11 अप्रैल 025 के जारी सं.ईसीआर/सीएओ/सीओएन/डब्ल्यू/बजट/25-26 की लिस्ट में जानकारी और आवश्यक कार्यवाही के लिए कौपी में जुड़ा है l
इस रेल खंड पर दोहरीकरण से मिलने वाली लाभ से यात्री अब तक वंचित है। जिसे अब बहत जल्द पूरा का लिया जाएगा l रेल सूत्रों पर भरोसा करे तो नरकटियागंज ,रक्सौल , सीतामढ़ी , दरभंगा व सीतामढ़ी - मुजफ्फरपुर 255.5 किलो मीटर रेल दोहरीकरण का काम गतवर्ष के नवंबर या दिसंबर माह से युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा, जो आगामी 2029 के लोकसभा के होने वाली चुनाव से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा l
बताते चले की नेपाल के तराई क्षेत्र से गुजरने वाली भारतीय रेलखंड की दोहरी करण कराने की रेलवे बर्ड से मंजूरी मिली। जिसको लेकर भारत सरकार ने 019-20 के बजट सत्र में निर्माण कार्य को लेकर जिक्र किया गया था। जिसकी मंजूरी देते हुए रेलवे बोर्ड दिल्ली के द्वारा 16 जनवरी 020 को देश के विभिन्न रेल खंडों पर (डबलिंग) दोहरी करण को लेकर फाइनल सर्वे हेतु इक चिट्ठी जारी किया गया था। जिसका मंजूरी दी गई थी। काम को आगे बढ़ते हुए रेल महकमा द्वारा तत्काल नरकटियागंज से दरभंगा वाया सीतामढ़ी तथा सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर वाया रुनी सैदपुर 255.5 किलो मीटर रेलखंड निर्माण का फाइनल लोकेसन सर्वे की मंजूरी को लेकर कागजी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। जिसका टेंडर की राशि 4 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि पर विभाग ने अपनी अंतिम मोहर लगा दी। और सर्वे का काम पूरा किया गया। एक सवाल पर जानकर रेल सूत्र बताते है कि टेंडर के बाद अभियंताओं की टीम यह तय किया की पहली रेल लाइन से कितने दूरी पर दूसरी लाइन को तैयार करना है। तथा कहां और किस जगह रेल लाइन की गोलाई करना है। तथा कहां पर सीधा करना होगा। तब जाकर इसका डिटेल एस्टीमेट सेंसान होना था। और दोहरीकरण का काम युद्ध स्तर पर पूरा भी किया जाएगा। दोहरी करण पूरा होने के साथ ही ट्रेनों कि लेट लतीफ से लोगो को मिलेगी छुटकारा। ससमय यात्री अपने गंतव्य को पहुंच सकेंगे। समय की काफी बचत होगी, कम समय में यात्री लंबी दूरी तक सफर कर सकेंगे।
कितने होंगे पुल पुलिया, शांपर फाटक :-
रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार होने वाली दोहरी करण में तकरीबन 301 पुल और पुलिया होने, तथा 176 शमपार फाटक होंगे, जिसमे बड़े पुलो की संख्या 100 होगी वहीं छोटे पुलिया 201 होंगे। एक सवाल पर उन्होंने बताया कि सर्वे होने में तकरीबन दो माह का समय लग सकता है। उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू किया जाएगा।
क्या कहते स्थानीय संसद है :-
इस बाबत पूछे जाने पर सीतामढ़ी संसद देवेश चंद्र ठाकुर ने बताया कि नरकटियागंज - रक्सौल भाया सीतामढ़ी व सीतामढ़ी - मुजफ्फरपुर रेलवे दोहरीकरण की मंडल ठंडे बस्ते में दिख रही थी। लेकिन मामले को गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्री से बात चित कर उसमे नई दसा दी गई। जिसे अपृभल कर उक्त मद की मंजूरी मिली, जिसे हर हाल में आगामी लोक सभा चुनाव से पहले युद्ध स्तर पर पूरा कर लिए जाने ने की संकेत मिली है। उन्होंने ने बताया की तकरीबन चार माह पूर्व उक्त रेलखंड की डीपीआरओ तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। थोड़ी समय में ही टेंडर की एप्रोभल मिलने के बाद रेलखंड पर दोहरी कारण का काम युद्ध स्तर पर किया जाएगा
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