सीतामढ़ी :- विवाह पंचमी के पावन अवसर पर सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, रेलवे प्रशासन अलर्ट
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढी :- भव्य विवाह पंचमी पर्व को लेकर स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में कई दिनों से बढ़त देखी जा रही है। देश प्रदेश से प्रभु श्री राम तथा माता जानकी विवाहोत्सव देखने के लिए लोग सीतामढ़ी पहुंच रहे है। ताकी यहां से माता सीता की पैतृक नगरी परोसी देश नेपाल के जनकपुर धाम पहुंच कर विवाहोत्सव में भाग ले सके। तथा मां की नगरी में पहुंच कर पूजा अर्चना कर खुद को सौभाग्यशाली समझ.......
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढी :- भव्य विवाह पंचमी पर्व को लेकर स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में कई दिनों से बढ़त देखी जा रही है। देश प्रदेश से प्रभु श्री राम तथा माता जानकी विवाहोत्सव देखने के लिए लोग सीतामढ़ी पहुंच रहे है। ताकी यहां से माता सीता की पैतृक नगरी परोसी देश नेपाल के जनकपुर धाम पहुंच कर विवाहोत्सव में भाग ले सके। तथा मां की नगरी में पहुंच कर पूजा अर्चना कर खुद को सौभाग्यशाली समझ सके। इस दौरान समय सीमा और माहौल को देखते हुए भारतीय रेल के दोनो प्रशासनिक बिंगो राजकीय रेल पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टुकड़ियां लगातार रात और दिन सीतामढ़ी रेलवे प्लेटफार्म के साथ रेलवे विचरण क्षेत्र में अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। ताकि कोई अपराधिक तत्व व्यक्ति दूर दराज से पहुंचे किसी भी श्रद्धालु यात्री को परेशान न कर सके।
विवाह पंचमी :-
विवाह पंचमी का त्योहार का महत्व हिंदू धर्म सभ्यता में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सनातन धर्म में मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को अत्यंत ही शुभ माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु के अंशावतार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम तथा देवी लक्ष्मी का अवतार सीता का विवाह हुआ था। तभी से इस पंचमी को 'श्रीपंचमी' या 'विवाहपंचमी' पर्व के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
विवाह पंचमी की पंचमी तिथि 24 नवंबर यानी आज रात 9 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगा और तिथि का समापन 25 नवंबर को रात 10 बजकर 56 मिनट पर होगा। इसी बीच विवाह पंचमी का पूजन किया जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार, इस विशेष तिथि पर पूजा-पाठ करने से अविवाहित कन्याओं को भी प्रभु श्रीराम और माता सीता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. चलिए जानते हैं कि विवाह पंचमी का व्रत करने से क्या लाभ होता है।
मान्यता है कि इस दिन जो कोई भी व्यक्ति मां सीता और प्रभु श्री राम का विवाह उत्सव में सम्मिलित मात्र से उसके जीवन में सुख और समृद्धि आती है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम और माता सीताजी का विवाह रामायण में लंकापति रावण के अंत के लिए बढ़ाया हुआ एक पग भी है,क्योंकि रावण के अंत का सृजन सीताजी के हरण की घटना से ही प्रारंभ हो गया था।
विवाह पंचमी का महत्व-
अनेक धर्म ग्रंथो के अनुसार विवाह पंचमी के दिन न सिर्फ भगवान श्री राम और सीता का विवाह हुआ था बल्कि इसी दिन गोस्वामी तुलसी दास जी ने रामायण का अवधी संस्करण पूरा किया था।इस पर्व पर अयोध्या और नेपाल में विशेष आयोजन किया जाता है। इन जगहों पर भव्य रूप से विवाह पंचमी का उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और माता जानकी की पूजा और तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों का जाप करने पर साधक को मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।इस दिन शुभ योग में मांगलिक कार्यों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। कँवारी कन्याओं के द्वारा इस दिन श्रीराम और सीताजी का पूजन-अनुष्ठान करने से मनचाहा वर मिलता है एवं विवाहित स्त्रियों के दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं, सौभाग्य की प्राप्ति होती है।इस दिन रामचरितमानस,रामरक्षास्रोत या सुंदरकांड का पाठ करने से घर का वास्तुदोष दूर होता है,घर में सुख-शांति रहती है।
क्या कहते है अधिकारी :-
इस बाबत पूछे जाने पर स्थानीय रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश ठाकुर, तथा राजकीय रेल थानाध्यक्ष ज्वाला प्रसाद, एएसआई दीपक कुमार ने बताया की स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियोंकी सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लगातार दोनो प्रशासनिक विंग के सुरक्षा में लगे जवान कुछ सादी वर्दी में तो कुछ वर्दी में अपने ड्यूटी का निर्वहन कर रहे है। स्टेशन पर विद्युत, पानी, तथा सुलभ शौचालय की व्यवस्था के साथ अपराधिक तत्वों में चोर, पाकेटमार, झपट्टा गिरोह तथा उच्चके पर रेल प्रशासन की पूरी नजर है। ताकि किसी भी यात्री को कोई भी परेशानी न हो सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0