सीतामढ़ी :- रामायण सर्किट ट्रेन से सीतामढ़ी पहुंचे श्रद्धालु भक्त, धार्मिक स्थलों का दर्शन कर नेपाल मां जानकी की घर पहुंचे की दर्शन
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :- शुक्रवार की अहले सुबह रामायण सर्किट पर चलने वाली रामायण यात्रा स्पेशल ट्रेन कुल 2 सौ श्रद्धालु भक्तों को लेकर दिल्ली के सफदरगंज रेलवे स्टेशन से सीतामढ़ी जंक्शन पहुंची। जहां उतरते ही यात्रियों ने जय सियाराम, जय सीता मैया, के नारे और जय लाघोष से स्थानीय रेलवे स्टेश.......
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :- शुक्रवार की अहले सुबह रामायण सर्किट पर चलने वाली रामायण यात्रा स्पेशल ट्रेन कुल 2 सौ श्रद्धालु भक्तों को लेकर दिल्ली के सफदरगंज रेलवे स्टेशन से सीतामढ़ी जंक्शन पहुंची। जहां उतरते ही यात्रियों ने जय सियाराम, जय सीता मैया, के नारे और जय लाघोष से स्थानीय रेलवे स्टेशन का परिक्षेत्र भक्ति में रही। स्टेशन पर उतरते ही कई वृद्ध श्रद्धालु महिला और पुरुष माता जानकी की इस पवित्र मिट्टी पर सर झुका कर नमन करते दिखे थे।सीतामढ़ी की पवित्र मिट्टी का नमन किया और माथे पर चंदन की तरह यहां की मिट्टी उठाकर तिलक कर खुद को सौभाग्यशाली समझने लगे।
सीतामढ़ी स्टेशन पर रामायण सर्किट ट्रेन को लेकर पहुंचे आईआरसीटीसी के मैनेजर जय किशन कुमार ने बताया कि इस ट्रेन से कुल दो सौ श्रद्धालु यात्री चलकर सीतामढ़ी पहुंचे थे। जो सीतामढ़ी शहर स्थित माता जानकी मंदिर, पुनौरा मंदिर के अलावा पंथपाकर जा माता जानकी की जिस जगह पर डोली रुकी थी, उक्त स्थल का भी दर्शन किया है।
श्रद्धालु भक्तों की आगमन पर रेलवे का व्यवस्था को लेकर पूछे जाने पर अधीक्षक नितेश्वर कुमार सिंह ने बताया कि स्पेशल ट्रेन से पहुंचे भक्तों के लिए स्टेशन पर शुद्ध पीने को पानी, बैठने को लेकर धूल रहित खुशी, सफाई और स्वक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया है। सफाई और स्वक्षता को बनाए रखने के लिए आधे दर्जन से ज्यादा सुपर की ड्यूटी लगाया गया है, ताकि किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो।
इस दौरान सीतामढ़ी पहुंचने वाले यात्रियों में खास उत्साह दिख रहा था। उन्होंने कहा सैलानियों का उत्साह देखते बन रहा था, लोग ट्रेन से उतरते ही श्रद्धा में डूब गए। पुनौरा धाम और जानकी स्थान में उमड़ी भीड़: सैलानियों का पहला पड़ाव था पुनौरा धाम था। यहां यात्रियों ने मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की। स्थानीय पुजारियों ने सैलानियों को माता जानकी के जन्म की पौराणिक कथा और स्थल के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जानकी स्थान मंदिर पहुंचे। जहां मंदिर परिसर में घंटों तक दर्शन-पूजन चलता रहा। दिल्ली से आई श्रद्धालु ज्योति झा, मौर्य कुमारी ने कहा कि माता जानकी की धरती पर कदम रखते ही मन पवित्र जैसे भाव महसूस हो रही है।यहां की पवित्रता शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। उत्तराखंड से आए प्रभु पांडया, सुनील पंड्या ने कहा हमने अयोध्या में रामलला का दर्शन किया, अब माता जानकी के प्राकट्य स्थल पहुंचकर यात्रा पूर्ण महसूस हो रही है।
सीतामढ़ी में माता जानकी की प्राकट्य स्थली का दर्शन कर सभी भक्तों को लेकर आईआरसीटीसी द्वारा बस से सभी श्रद्धालुओं को नेपाल के जनकपुरधाम के लिए रवाना हो गया। शनिवार को सैलानी वापस सीतामढ़ी पहुंचेंगे। जिसे शनिवार की रात्रि 9:00 उसी ट्रेन से पटना - बक्सर के रस्ते गोरखपुर बाद -वाराणसी-नासिक-राघवेंद्रपुरी-रामेश्वरम तक व्यापक धार्मिक पर्यटन करेंगे। बक्सर में वे अरण्य कांड से जुड़े स्थलों का दर्शन करेंगे। इस भव्य यात्रा का समापन 15 दिसंबर को रामेश्वरम में होगा।
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