सीतामढ़ी :~ सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली सभी अप और डाउन ट्रेन घंटों लेट से यात्री परेशान
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :~ रक्सौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र व दानापुर जाने वाली लोकल फास्ट पैसेंजर ट्रेनें लगातार लेट चलने से यात्री परेशान हैं। लोकल ट्रेनों के समय पर चलने की मांग करते हुए केन्द्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा कि लोकल ट्रेनें यात्रियों के लिए लाइफ लाइन है। पश्चिम हो या पूरब की ओर जाने वा........
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी :~ रक्सौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र व दानापुर जाने वाली लोकल फास्ट पैसेंजर ट्रेनें लगातार लेट चलने से यात्री परेशान हैं। लोकल ट्रेनों के समय पर चलने की मांग करते हुए केन्द्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा कि लोकल ट्रेनें यात्रियों के लिए लाइफ लाइन है। पश्चिम हो या पूरब की ओर जाने वाली लोकल ट्रेनें प्रतिदिन 01 घंटे से लेकर 07 घंटे तक लेट चल रही है। जिलाध्यक्ष श्री सुन्दरका ने कहा कि लोकल ट्रेनों में बड़ी संख्या में कामगार स्त्री, पुरुष सफर करते हैं। जिसमें अस्पताल, स्कूल, विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारी के अलावा निजी कार्यालय व दुकानों में काम करने वाले यात्री होते हैं। रक्सौल जाने वाली ट्रेन संख्या 55577 ट्रेन सीतामढ़ी से नियत समय सुबह 7.20 बजे के बदले 7 अक्टूबर को 7 घंटे लेट दोपहर अढ़ाई बजे खुली, उसी प्रकार 6 अक्टूबर को साढ़े 5 घंटे, 5 अक्टूबर को 2 घंटे, 4 अक्टूबर को अढ़ाई घंटे, 3 अक्टूबर को सवा तीन घंटे लेट खुली। उसी प्रकार रक्सौल से सीतामढ़ी आने वाली ट्रेन रात्रि साढ़े 9 बजे के बदले रात्रि डेढ़ बजे, अढ़ाई बजे, तीन बजे पहुंच रही है। सप्ताह भर से यही हाल पालीपुत्र एवं दानापुर की ट्रेनों का है। ट्रेन संख्या 15515 / 15516 के नरकटियागंज तक विस्तार के बाद 5 घंटे तक ट्रेन लेट हो गई। यात्री जनार्दन भरतिया, पंकज गोयनका, दीपक मस्करा, गणेश सिकारिया ने कहा कि सीतामढ़ी से पाटलिपुत्र जाने के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन है, फिर भी ट्रेन अनियमित लेट हो रही है। जबकि सभी रूट पर सीमित ट्रेनें हैं, तब यह स्थिति है। आठ से दस घंटे की ड्यूटी से ज्यादा यात्रियों को ट्रेन में सफर करने में समय लग रहा है। डीआरयूसीसी के पूर्व सदस्य आलोक कुमार ने कहा कि यात्रियों में केवल पुरुष ही नहीं होते बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी होती हैं, महिला यात्रियों के साथ छोटे बच्चों, घर परिवार की जिम्मेवारी भी होती है। जिलाध्यक्ष सुन्दरका ने कहा कि ट्रेन के अनियमित लेट होने की वजह से यात्रियों को आर्थिक नुकसान के अलावा मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। घर पर समय से नहीं पहुंचने से परिवार में भी बिखराव की वजह भी बनती है। रेलवे लोकल ट्रेनों को नियत समय पर चलाए और यात्रियों की सुविधानुसार टाइम टेबल में सुधार करें।
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