एकाएक चर्चा में आये जालिम मुखिया को पहले जाना जाता था जालिम मंसूरी के नाम से
रक्सौल(इण्डो नेपाल बॉर्डर):
भारत मे कोरोना संक्रमण को फैलाने के उद्देश्य से 10-50 संदिग्धों को नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश कराने की संभावना वाली एसएसबी की खुफिया रिपोर्ट में चर्चा में आये जालिम मुखिया उर्फ जालिम मियां उर्फ जालिम मंसूरी( 61वर्ष) नेपाल के पर्सा जिले के जगरनाथपुर गांव पालिका का प्रमुख है. वह पिछले स्थानीय निकाय चुनाव में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी के टिकट पर चुनाव लड़कर गांव पालिका का प्रमुख बना है.
लगभग चालीस वर्ष पहले वह गांव में पंच का चुनाव जीतकर अपनी राजनीति पारी की शुरुआत की थी. उसके बाद उसके नाम मे मुखिया जुड़ गया और वह जालिम मंसूरी से जालिम मुखिया बन गया. ग्रामीण बताते है कि वह पंच बनने के बाद जंगल से लकड़ी काट कर तस्करी करने के मामले में दो महीने के लिये जेल की सजा भी भुगत चुका है.उस समय नेपाल पुलिस ने करीब 10 बैलगाड़ियों पर लदे तस्करी का लकड़ी भी बरामद किया था. उसके बाद जालिम नेपाली कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर कांग्रेस अधिवेशन से क्षेत्रीय प्रतिनिधि चुने गए थे. कांग्रेस पार्टी में रहते जालिम मुखिया जिला विकास समिति का सदस्य भी चुना गया था.
वह नेपाली कांग्रेस के तत्कालीन ताकतवर सह पूर्व गृहमंत्री खुम बहादुर खड्का का करीबी भी रह चुका है. नेपाल के प्रजातन्त्र आंदोलन में शामिल होने वाले जालिम को पुलिस ने लकड़ी तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था. वीरगंज में एक हिन्दूवादी नेता के हत्या में भी जालिम मुखिया का नाम सामने आया था.नेपाल में हुए पहली बार संसदीय चुनाव में जालिम मुखिया माओवादी में शामिल हो गया था. उस समय चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बने माओवादी नेता पुष्पकमल दहाल प्रचंड हेलीकॉप्टर से उसके घर पर आए थे. प्रचंड जालिम को अपने केंद्रीय सलाहकार समिति में भी शामिल किया था.कोरोना संक्रमण फैलाने के साजिश का लगे आरोप के बारे में जालिम मुखिया ने वीडियो जारी कर कहा है कि उसके विरोधी राजनीति साजिश के तहत बदनाम करने के उद्देश्य से झूठ फैलाया है. कहा कि नेपाल की जनता व प्रशासन उसके साथ है उसे किसी तरह का टेंशन नहीं है.
ग्रामीण बताते है कि जालिम स्वयं जमाती है. धार्मिक प्रवचन के लिये आने वाले जमातियों के लिये वे हमेशा आगे रहते है. हाल में निजामुद्दीन मरकज से लौटे 15 मौलाना को उसके ही गाड़ी से क्वारेंटिन सेंटर में भेजा गया था. जिसमे सभी संदिग्धों का रिपोर्ट निगेटिव आया था. जालिम मुखिया ने अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार व बेबुनियाद बताया है. पर्सा के एसपी गंगा पंत ने बताया कि इस सम्बंध में भारतीय सुरक्षा एजेंसियो से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है. मालूम हो कि एसएसबी की खुफिया एजेंसी ने सीमावर्ती जिलों के एसपी व डीएम को पत्र भेजकर कोरोना संदिग्धों को नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश करने का सन्देह व्यक्त करते हुए इसका मास्टरमाइंड जालिम मुखिया को बताया था.खुफिया रिपोर्ट के बाद शुक्रवार से इंडो-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया गया था.
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