सीतामढ़ी :- धान के मूल्य में 69 रू क्विंटल की वृद्धि, किसानों के साथ धोखा
-- केन्द्र स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वायदा पूरा करे।
-- एम एसपी सीटू+50%पर कानून से कम किसानों को मंजूर नही।
सागर कुमार, चम्पारण टुडे "सीतामढ़ी ब्यूरो"
सीतामढ़ी :- खरीफ सीजन 2025 -26 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में तीन प्रतिशत तथा दालों के मूल्य में 5•96 प्रतिशत तथा तिलहन के मूल्य में 9 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा को संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा, उतर बिहार के संयोजक डा.आनन्द किशोर, जिलाध्यक्ष जलंधर यदुबंशी, उपाध्यक्ष अमरेन्द्र राय ने किसानों के साथ बडा धोखा बताया है।
नेताओ ने कहा है कि दिखाने के लिए विभिन्न कृषि उत्पादों का एमएसपी तय होता है, परन्तु धान तथा गेंहू की हीं वह भी आंशिक सरकारी खरीद होती है।
किसान नेताओ ने कहा है कि एमएसपी तय करने में किसानों के खेती की बढती लागत की अनदेखी की गई है। केन्द्र सरकार स्वामीनाथन आयोग की अनुशंशा लागू करने के वायदे से मुकर रही है। ऐतिहासिक किसान आन्दोलन के समय एम एसपी पर कानून बनाने को लेकर लिखित समझौता किया था जिसमे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओ के साथ कमेटि गठित कर निर्णय लेना था।उसपर अमल नही कर रही है।यह किसानो के साथ विश्वासघात है।खाद,बीज,कीटनाशक के मूल्यों में वेतहाशा वृद्धि,मजदूरी के बढने से खेती की लागत बढती जा रही है उपर से हर सीजन में किसी न किसी प्राकृतिकआपदा से भी फसलों की बर्बादी तय है।सरकार किसानो की बढती लागत तथा तबाही के आलोक में न्यनतम समर्थन मूल्य की वृद्धि के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे अन्यथा देश में किसानों का संघर्ष तेज होगा।
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