सीतामढ़ी :~ सरस्वती शिशु मंदिर में भाजपा नेत्री डॉक्टर नूतन माला सिंह ने सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी(शिवहर) :~ सीतामढ़ी के कोट बाज़ार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मातृशक्ति को संबो.....

Nov 24, 2025 - 18:10
Updated: 8 months ago
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सीतामढ़ी :~ सरस्वती शिशु मंदिर में भाजपा नेत्री डॉक्टर नूतन माला सिंह ने सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की

सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)

सीतामढ़ी(शिवहर) :~ सीतामढ़ी के कोट बाज़ार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मातृशक्ति को संबोधित करने का सौभाग्य भाजपा नेत्री सह- जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर नूतन माला सिंह को प्राप्त हुआ है।

डॉ नूतन माला सिंह ने बताया है कि मां भारती की सेवा और समाज के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सर्वोपरि है। उनके संस्कार, उनकी दृढ़ता और उनका समर्पण समृद्ध राष्ट्र का आधार हैं। आज के इस पावन संगम में मातृशक्ति की ऊर्जा और उत्साह ने नए संकल्प दिए।"

भाजपा नेत्री डॉक्टर नूतन माला सिंह ने बताया है कि सप्त शक्ति संगम" सरस्वती शिशु मंदिर सीतामढ़ी द्वारा आयोजित एक महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य नारी को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम महिलाओं में भारतीय संस्कृति में वर्णित सात शक्तियों - कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा - को जागृत करने पर केंद्रित है। इसके तहत, विभिन्न आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, संस्कार और नेतृत्व जैसे गुणों के विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। 

उन्होंने बताया है कि कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य और विशेषताएँ थी कि महिला सशक्तिकरण, महिलाओं को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।

सात शक्तियों का विकास करना,कार्यक्रम का नाम भारतीय संस्कृति में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सात गुणों पर आधारित है, जिनमें कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा शामिल हैं।

डॉ नूतन माला सिंह ने बताया है कि सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम होने के कारण यह कार्यक्रम कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है।नैतिक और चारित्रिक विकास: यह महिलाओं को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने पर भी जोर देता है!

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