सीतामढ़ी :- नवसाक्षर महिलाओं ने रचा इतिहास, साक्षरता यात्रा में बड़ा कदम

सागर कुमार/ अमित सौरभ, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी :~ अक्षर आंचल योजना के तहत रविवार को जिलेभर में आयोजित बुनियादी साक्षरता परीक्षा उत्साह और जागरूकता के माहौल में सम्पन्न हुई। जिले के 23,363 निबंधित न......

Dec 08, 2025 - 07:49
Updated: 7 months ago
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सीतामढ़ी :- नवसाक्षर महिलाओं ने रचा इतिहास, साक्षरता यात्रा में बड़ा कदम

~~ 143 केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा, मॉडल केंद्रों पर गुलाब देकर स्वागत

~~ मांओं का उत्साह उमड़ा, कई बच्चे गोद में लेकर पहुंचीं परीक्षा देने

सागर कुमार/ अमित सौरभ, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)

सीतामढ़ी :~ अक्षर आंचल योजना के तहत रविवार को जिलेभर में आयोजित बुनियादी साक्षरता परीक्षा उत्साह और जागरूकता के माहौल में सम्पन्न हुई।

जिले के 23,363 निबंधित नवसाक्षरों में से 22,576 महिलाएं परीक्षा में शामिल हुईं, जबकि 1,787 अनुपस्थित रहीं।

डीपीओ साक्षरता आयुष कुमार ने बताया कि परीक्षा में शामिल महिलाओं में :—

 6,693 महादलित, 3,145 दलित, 12,738 अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग की नवसाक्षर शामिल रहीं।

राज्य से आए अनुश्रवण पदाधिकारी प्रसून कुमार ने रीगा व सुप्पी के केंद्रों का निरीक्षण किया, जबकि जिला स्तरीय पदाधिकारी विभिन्न प्रखंडों में पूरे दिन मॉनिटरिंग करते रहे।

महिलाओं की सुविधा को देखते हुए परीक्षा में समय की कोई बाध्यता नहीं थी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच किसी भी समय परीक्षा दे सकती थीं।

डुमरा में 3,613 नवसाक्षर शामिल हुई, मॉडल केंद्र पर फूलों से स्वागत

डुमरा प्रखंड के 19 केंद्रों पर 3,613 महिलाओं ने परीक्षा दी।मध्य विद्यालय चकमहिला को मॉडल केंद्र बनाया गया था, जहां डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, डीपीओ माध्यमिक, डीपीओ साक्षरता, बीईओ, एसआरपी और प्रधानाध्यापक ने संयुक्त रूप से परीक्षा का शुभारंभ किया।

 नवसाक्षरों का गुलाब देकर स्वागत किया गया :~

डीईओ ने कहा— “अक्षर आंचल योजना महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है।”

प्रखंडों में दिखा उत्सव जैसा माहौल :~

बाजपट्टी में बसहा कन्या विद्यालय को फूलों व गुब्बारों से सजाया गया। 360 में 338 महिलाएं शामिल हुईं।

 बथनाहा के पंथपाकर केंद्र पर अधिकारियों की उपस्थिति में परीक्षा शुरू हुई

सोनबरसा के 14 केंद्रों पर 1,220 महिला परीक्षार्थी उपस्थित रहीं। मॉडल केंद्रों को विशेष रूप से सजाया गया।

केआरपी, बीईओ और एसआरपी सहित सभी कर्मी लगातार निरीक्षण में लगे रहे।

शिक्षा से बदलेगी तस्वीर — हर प्रखंड में मॉडल केंद्र :~

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा—

 “मां के साक्षर होने से पूरा परिवार सीखने की ओर बढ़ता है।”

नवसाक्षरों को शिक्षा के महत्व, सामाजिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

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