सीतामढ़ी :- ट्रेन की सीटों को क्षतिग्रस्त करने पर रेलवे सख़्त
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो) सीतामढ़ी(समस्तीपुर) :- समस्तीपुर मंडल के दरभंगा - नरकटियागंज रेलखंड सहित जयनगर–समस्तीपुर रेलखंड पर परिचालित होने वाली ट्रेनों 55514 ट्रेन की सीटों को क्षतिग्रस्त करने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। विगत दो महीनों में इस प्रकार की घटना दूसरी बार घटित हुई है, .....
-- ऐसी घटनाओं से ट्रेनों का नियमित परिचालन प्रभावित होगा
-- कम कोचों के साथ ट्रेन चलानी पड़ सकती है, जिससे यात्रियों की भीड़ और उनकी असुविधा बढ़ेगी
सागर कुमार, चम्पारण टुडे (सीतामढ़ी ब्यूरो)
सीतामढ़ी(समस्तीपुर) :- समस्तीपुर मंडल के दरभंगा - नरकटियागंज रेलखंड सहित जयनगर–समस्तीपुर रेलखंड पर परिचालित होने वाली ट्रेनों 55514 ट्रेन की सीटों को क्षतिग्रस्त करने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। विगत दो महीनों में इस प्रकार की घटना दूसरी बार घटित हुई है, जिसे रेलवे अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।
विदित हो कि इस तरह की सीटों को क्षतिग्रस्त करने से रेलवे को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। क्षतिग्रस्त कोचों को काटकर मरम्मत हेतु कार्यशाला भेजना पड़ता है, जिसकी मरम्मत का व्यय विभाग को अपने संसाधनों से वहन करना पड़ता है। जो कि एक अतिरिक्त व्यय है।
यदि ऐसी घटनाएँ जारी रहीं, तो ट्रेनों का नियमित परिचालन प्रभावित होगा तथा कई बार कम कोचों के साथ ट्रेन चलानी पड़ सकती है, जिससे इन ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ और असुविधा बढ़ेगी।
इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक, समस्तीपुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा :-
~ रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना गंभीर अपराध है। ऐसी हरकतें यात्रियों की सुविधा और ट्रेन परिचालन दोनों के लिए नुकसानदेय हैं। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत सख़्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
रेलवे, यात्रियों और आम नागरिकों से अपील करता है कि यदि कोई असामाजिक तत्व रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हुए दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को 182 या एकीकृत फोन नंबर 139 पर या ऑन-ड्यूटी रेल कर्मचारी को सूचना दें। संभव हो तो संबंधित व्यक्ति का फोटो लेकर समस्तीपुर मंडल के रेल अधिकारियों या आरपीएफ को उपलब्ध कराएँ, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रेलवे का स्पष्ट संदेश है कि इस तरह की हरकतें जारी रहने पर ट्रेनों का सुरक्षित और सुचारु परिचालन कठिन हो सकता है।
रेल संपत्ति की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
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