नोएडा दिल्ली की घटना का घोर निंदा करता है दहेज मुक्त झारखंड संस्था, सरकार अपराधियों के खिलाफ सख़्त कदम उठाए - समाजसेवी सिंधु मिश्रा
अमरुल आलम की रिपोर्ट पटना: दहेज के लिए बेटियों को जलाकर मार देना न केवल अपराध है बल्कि यह एक जघन्य अपराध है। किसी भी महिला को दहेज जैसी कुप्रथा के कारण जलाना उसकी मूलभूत मानवाधिकारों का हनन है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304-B (दहेज हत्या) और धारा 498-A (क्रूरता).......
अमरुल आलम की रिपोर्ट
पटना: दहेज के लिए बेटियों को जलाकर मार देना न केवल अपराध है बल्कि यह एक जघन्य अपराध है। किसी भी महिला को दहेज जैसी कुप्रथा के कारण जलाना उसकी मूलभूत मानवाधिकारों का हनन है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304-B (दहेज हत्या) और धारा 498-A (क्रूरता) में ऐसे मामलों में सख्त सज़ा का प्रावधान है। दोषी को उम्रकैद तक की सज़ा हो सकती है। ऐसी घटनाएँ न केवल एक परिवार को बल्कि पूरे समाज को शर्मसार करती हैं। जब बेटियों को दहेज के नाम पर मारा जाता है तो यह महिलाओं की शिक्षा, स्वतंत्रता और सम्मानजनक जीवन पर सीधा प्रहार है। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोर सज़ा दी जाए। हर घर, हर मोहल्ले, हर गाँव और शहर में दहेज विरोधी मुहिम चले। बिना दहेज के विवाह को समाज में सम्मान दिया जाए। शिक्षा,रोजगार और आत्मरक्षा में सक्षम करना ताकि वे अन्याय का विरोध कर सकें। दहेज लेना और देना, दोनों ही अपराध हैं। इसे सामाजिक बुराई मानकर त्यागना ही असली समाधान है।
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