सिकरहना : शिक्षकों और भवन की भारी कमी से जूझ रहा बनकटवा प्रखंड स्थित सेमरी मठ का मध्य विद्यालय, करीब 600 छात्रों पर केवल 6 शिक्षक, शैक्षणिक व्यवस्था चरमराई
बनकटवा प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय, सेमरी मठ में शिक्षकों और कक्षाओं की भारी कमी के कारण शिक्षा व्यवस्था संकट में है। लगभग 600 छात्रों पर मात्र 6 शिक्षक तैनात हैं, और कक्षा 6 से 8 तक कोई विषय-विशेषज्ञ शिक्षक नहीं है। सीमित कमरों के कारण एक ही कक्षा में सैकड़ों छात्रों को पढ़ाया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विद्यालय प्रशासन ने शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति और भवन विस्तार की मांग की है।
रणधीर कुमार /चम्पारण टुडे /बनकटवा /पूर्वी चम्पारण।
बनकटवा प्रखंड क्षेत्र के राजकीय मध्य विद्यालय, सेमरी मठ में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। यहां बच्चों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, लेकिन शिक्षकों और भवन की भारी कमी के कारण वर्ग संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
विद्यालय में प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) में लगभग 300 छात्र, और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) में भी करीब 300 छात्र पढ़ते हैं। लेकिन इस बड़ी संख्या को पढ़ाने के लिए केवल 6 शिक्षक ही तैनात हैं। ऐसे में प्रत्येक शिक्षक पर अत्यधिक भार पड़ रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चुनौती बन चुका है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद काशिम अंसारी ने बताया कि विद्यालय में छात्रों की संख्या के अनुरूप न तो पर्याप्त कक्षाएं हैं और न ही विषय विशेषज्ञ शिक्षक। कक्षा 6 से 8 तक तो एक भी विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे इन कक्षाओं में पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो रही है।
कक्षाओं की बात करें तो स्थिति और भी चिंताजनक है। कमरों की संख्या बहुत सीमित है, जिससे एक ही कमरे में सैकड़ों बच्चों को बिठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। इससे बच्चों की एकाग्रता और शिक्षण गुणवत्ता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
यह स्थिति तब है जब सरकार लगातार प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के दावे कर रही है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की जा रही है कि इस विद्यालय में अविलंब अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति और भवन विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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